Udaygiri House Magazine | Página 19

प्यारी मा हमें जन्म देती है ,माँ । दुनिया से बचाकर अपने ममता की गोद में रखती है, माँ । अपने हाथों से रवाना खिलाती है, माँ । पूरी रात जागकर हमें सुलाती है ,माँ । अपनी परेशानियों को छुपाकर हमें खुशियाँ देती है, माँ । हमारे दर्द को देखकर तड़पती है , माँ । हमारे रोने पर खुद भी रो लेती है , माँ । हमारे लिए दुनिया से लड जाती है , माँ । जीवन भर अपने अरमानों का गला  घोटकर पूरे जग की खुशी देती है माँ । हमें सदा खुश देरवना चाहती हैं , माँ । वह हमेशा हमारे दुख को जान लेती है माँ । बिना कुछ कहे सारे दर्द सेह जाती है , माँ । फिर भी होठों पर एक मुस्कान रहती है , माँ । तुम बहुत याद आती हो माँ । - प्राचीघोष