Sri Vageesha Priyah eSouvenir Sri Krishna Brahmatantra Swatantra Parakala Mahade | Página 2
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॥ श्रीरस्त॥
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॥ श्रीलक्ष्मीहयवदन लक्ष्मीनारायण वेणगोपाल परब्रह्मणे नमः॥
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॥श्री शठकोप रामानज देशशके भ्यो नमः॥
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॥ श्रीब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकाल गरुपरम्पराय ै नमः॥
॥ श्री कृ ष्णब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकाल यतीन्द्र महादेशशकाय नमः॥
॥ श्रीमदशिनव वागीश ब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकाल यतीन्द्र महादेशशकाय नमः॥
श्रीब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकालास्थान पूवााचाया सूशिमालायाां
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॥ श्रीकृ ष्णब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकालमहादेशशक वैिवम ॥
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श्रीकृ ष्णब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकालमहादेशशक ग्रन्थमालायाां प्रथमः अनबन्धः
ಶ್ರೀಕೃಷ್ಣಬ್ರಹ್ಮತಂತರಸ್ವತಂತರ ಪರಕಾಲ ಮಹಾದ ೀಶ್ಕ ವ ೈಭವ
ಶ್ರೀಕೃಷ್ಣಬ್ರಹ್ಮತಂತರಸ್ವತಂತರ ಪರಕಾಲ ಮಹಾದ ೀಶ್ಕ ಗ್ರಂಥಮಾಲ ಯ ಪರಥಮ ಅನುಬ್ಂಧ ಸ್ಂಪುಟ
Sri Krishna Brahmatantra Swatantra Parakala Mahadeshika Vaibhavam
Sri Krishna Brahmatantra Swatantra Parakala Granthamala – Supplementary volume I
శ్రీకృష్ణ బ్రహ్మతంతరస్వతంతర పరకాల మహాదేశిక వైభవము
పరథమ అనుబ్ంధ స్ంపుటము
श्रीमन्महीशूरमण्डल मण्डनायमान श्रीब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्रपरकालास्थानाशिशिि श्रीमत्परमहांसपशरव्राजकाचाया
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सवातन्त्रस्वतन्त्रोियवेदान्ताचाया श्रीमत्कशवकथककण्ठीरवचरणनशिनयगिशवन्यस्तसमस्तात्मिर
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श्रीिगवद्रामानजशसद्धान्तशनर्ाारणसावािौम श्रीश्रीलक्ष्मीहयग्रीव शदव्यपादुकासेवक
श्रीमदशिनववागीश ब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकालमहा देशशकानाां शदव्याज्ञया सांपाशदतम ्
प्रकाशशका
श्रीवेदान्तदेशशक शवहारसिा
श्रीब्रह्मतन्त्रस्वतन्त्र परकालस्वाशम मठास्थानम ्
शवजयतेतराम ्