October 2026_DA | Page 9

अनुसार, परीएम-किसान के तहत अब तक हस्तांतरित राशि 4 लाख करोड़ रुप्ये से अधिक हो चुकरी है । इसरी तरह सरकार ने गररीबरी कम करने और बुवन्यादरी सुविधाओं के विस्तार को अपने शासन करी प्रमुख उपलक्ब्ध्यों में रखा है । 2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जनधन ्योजना ने बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों को औपचारिक वित्तरी्य व््यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा । इसके बाद आधार और मोबाइल के साथ बैंकिंग व््यवस्था के जुड़ाि ने प्रत््यक् लाभ को व््यापक आधार वद्या । व्डोवज्टल भुगतान करी तेज वृद्धि ने इस बदलाव को और आगे बढ़ा्या । ्यूपरीआई ने छो्टे व््यापारियोों से लेकर सामान्द्य उपभोक्ताओं तक व्डोवज्टल लेन-देन को सरल बना्या । स्िच्छ भारत मिशन ने स्िच्छता को केवल सरकाररी का्यवारिम न रखकर जन-अवभ्यान का रूप देने का प्र्यास वक्या । शौचाल्य वनमावार्, स्िच्छता व््यवहार और खुले में शौच करी समस््या को सािवाजनिक विमशवा का हिस्सा बना्या ग्या । इसरी रिम में प्रधानमंत्री आवास ्योजना, उज्जिला ्योजना और जल जरीिन मिशन ने घर, रसोई ईंधन और पे्यजल जैसरी बुवन्यादरी जरूरतों को नरीवत के केंद्र में रखा ।
आ्युष्मान भारत ने गररीब परिवारों के लिए स्िास्थ््य सुरक्ा का एक बड़ा ढांचा तै्यार करने का प्र्यास वक्या । इसके साथ स्िास्थ््य एवं कल््ययाण केंद्रों, व्डोवज्टल स्िास्थ््य सेवाओं और ्टेलरीमेव्डोवसन जैसरी व््यवस्थाओं को भरी बढ़ािा मिला । कोवि्डो-19 महामाररी ने भारत करी स्िास्थ््य व््यवस्था के सामने अभूतपूिवा चुनौतरी रखरी । महामाररी के दौरान ्टरीकाकरर्, वैक्सरीन वनमावार्, व्डोवज्टल प्रमार्न और स्िास्थ््य प्रशासन में तकनरीक के इस्तेमाल करी क्मता को सामने रखा ।
कृषि और ग्रामरीर् भारत को मजबूत करना
सरकार करी प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों को प्रत््यक् वित्तरी्य सहा्यता देने करी व््यवस्था करी गई । इसके साथ सिंचाई, कृषि अवसंरचना, किसान उत्पादक संगठनों, कृषि तकनरीक और ग्रामरीर् संपक्क को बढ़ाने पर जोर वद्या ग्या । ग्रामरीर् सड़क, बिजलरी, आवास, बैंकिंग और इं्टरने्ट कनेक््टटिवि्टरी के विस्तार ने गांिों को व््यापक अथवाव््यवस्था से जोड़ने में भूमिका निभाई है ।
पिछले ििषों में महिलाओं को सरकाररी ्योजनाओं के प्रमुख लाभाथशी के रूप में देखा ग्या । उज्जिला ्योजना ने ग्रामरीर् परिवारों में स्िच्छ ईंधन करी पहुंच बढ़ाने का प्र्यास वक्या । स््वयं सहा्यता समूहों के माध््यम से महिलाओं करी आवथवाक गतिविधियोों को प्रोत्सावहत वक्या ग्या । लखपति दरीदरी और नमो ड्ोन दरीदरी जैसरी पहलों ने महिलाओं को केवल सरकाररी सहा्यता प्राप्त करने वाले िगवा से आगे बढ़ाकर उद्यमिता, तकनरीक और आवथवाक गतिविधियोों में भागरीदाररी से जोड़ने करी दिशा दिखाई ।
नरेंद्र मोदरी सरकार के दौर में जरीएस्टरी सबसे महत्िपूर््ण संरचनात्मक आवथवाक सुधारों में शामिल रहा । इसका उद्ेश््य देश में अलग-अलग अप्रत््यक् कर व््यवस्थाओं को एकरीकृत कर साझा कर व््यवस्था बनाना था । आवथवाक सिरेक्र् 2025-26 के अनुसार जरीएस्टरी पंजरीकृत करदाताओं करी संख््या 2017 में लगभग 60 लाख से बढ़कर ितवामान में 1.5 करोड़ से अधिक हो गई है । इसे अथवाव््यवस्था के औपचारिक करर् के संकेतों में से एक माना ग्या है ।
सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्े और शहररी परिवहन के क्ेत् में पिछले ििषों में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है । प्रधानमंत्री गति शक्क्त
ने विवभन् मंत्ालयोों और परिवहन माध््यमों के बरीच बेहतर समन्दि्य के लिए एकरीकृत दृष््टटिकोर् विकसित करने का प्र्यास वक्या । सरकार के अनुसार, सािवाजनिक पूंजरीगत व््य्य में 2014 के बाद उल्लेखनरी्य वृद्धि हुई है और राजमागवा वनमावार् तथा रेलवे विद्युतरीकरर् में भरी विस्तार हुआ है ।‘ मेक इन इंव्डो्या’ से‘ आत्मवनभवार भारत’ तक करी ्यात्ा में घरेलू विवनमावार् को मजबूत करने पर जोर वद्या ग्या । उत्पादन से जुड़री प्रोत्साहन ्योजनाओं के जरिए विवभन् क्ेत्ों में उत्पादन और निवेश को प्रोत्सावहत करने का प्र्यास हुआ । चंद्र्यान-3 करी सफलता ने भारत के अंतररक् का्यवारिम को नई सािवाजनिक पहचान दरी । अंतररक् क्ेत् में निजरी भागरीदाररी को बढ़ािा देने और स््टा ्टअप को अवसर देने के लिए नरीवतगत बदलाव किए गए । इसके साथ कृवत्म बुद्धिमत्ता, सेमरीकं्डोक््टर, व्डोवज्टल तकनरीक और अनुसंधान को राष्ट्ररी्य विकास से जोड़ने करी दिशा में प्र्यास हुए हैं । विज्ान और तकनरीक करी ्यह ्यात्ा केवल उपलक्ब्ध्यों के प्रदशवान तक सरीवमत नहीं रहनरी चाहिए । इसका अगला चरर् अनुसंधान, विश्िविद्यालयोों, उद्योग और स््टा ्टअप के बरीच मजबूत सह्योग तथा रोजगारपरक नवाचार से जुड़ना आवश््यक है । 25 ििवा पूरे होने का अथवा ्यात्ा का अंत नहीं, बक्ल्क अगले चरर् करी शुरुआत है । अब सबसे महत्िपूर््ण प्रश्न ्यह है कि विकास करी गति को कितनरी व््यापक और व्टकाऊ बना्या जा सकता है । रोजगार, गुर्ित्तापूर््ण शिक्ा, स्िास्थ््य, कृषि, शहररीकरर्, प्यावािरर् और सामाजिक असमानता जैसरी चुनौवत्यां अभरी भरी महत्िपूर््ण हैं । आवथवाक विकास का लाभ समाज के विवभन् िगषों और क्ेत्ों तक समान रूप से पहुंचे, ्यह सुवनक्श्चत करना आने वाले ििषों करी बड़री जिम्मेदाररी होगरी । �
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