विशेष
आंबरेडकर करे विचारों को आत्मसात करनरे कती आवश्यकता
कमयुहनसटों की बातों को कोरा आदर्श ्मानते थे आंबेडकर बाबा साहब ने देखा था स्मरस स्माज बनाने का सपना
प्रणय कु्मार
रत ित् बाबा साहेब डॉ भ़ीमराव
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अंबेडकर अपने समकाि़ीन
राजऩीलतज्ों क़ी तुलना में राजऩीलत के खुरदरे ्यथिाथि्त क़ी ्ठोस एवं बेहतर समझ रखते थिे । नारों एवं तक़ि़ीिों क़ी हक़ीक़त वे ख़ूब समझते थिे । जाति-भेद, छुआछूत के अपमानजनक दंश को उनहोंने केवल देखा-सुना
26 uoacj 2025