fo ' ys " k. k
आंबेडकर के विचारयों को आत्मसात करने की आवश्यकता
कमयुलन्टों की बातों को कोरा आदर्श मानते थे आंबेडकर बाबा साहब ने देखा था समरस समाज बनाने का सपना
प्णय कुमार
रत रत्न बाबा साहेब डलॉ भीमराव
Hkk
अंबेडकर अपने समकालीन
राजनीतिज्ों की तुलना में राजनीति के खुरदरे यथार्थ की ठोस एवं बेहतर समझ रखते थे । नारों एवं तक़रीरों की हकीक़त वे ख़ूब समझते थे । जाति-भेद, छुआछूत के अपमानजनक दंश को उनिोंने केवल देखा-सुना
48 ebZ 2026