July 2026_DA | Page 9

जनता को मिला है । कहना गलत नहीं होगा कि बारह ्वर्ष के दौरान बडे पैमाने पर आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने देश करी ल्वकास गति को बढ़ाने का कार्य किया है और इसका सकारातमक प्रभा्व दलित, गररीब, ्वंचित लोगों करी आम जिंदगरी में देखा जा सकता है । अ्वसंरचना-आधारित औद्ोलगक ल्वकास ने ल्वलनमा्यर गंतवर के रूप में भारत करी कसथलत को मजबूत किया है और ्वैश्विक मूलर श्ृंखलाओं के साथ एकरीकरण को बेहतर बनाया है । साथ हरी इससे दूरदराज क्षेत्ों में रहने ्वाले दलित, ्वंचित ्वग्य के लोगों के लिए ल्वकास आधारित लन्वेश, रोजगार सृजन और ल्वलनमा्यर गलतल्वलध के ल्वसतार में मदद करी है ।
दलितों का सशककतकरण: समावेशी परिवर्तन का एक दशक
पिछले बारह वर्षों में मोदरी सरकार के प्रयासों को देखा जाए तो एक दशक से अधिक का समय समा्वेशरी स्वतंत् भारत में समा्वेशरी
परर्वत्यन का काल रहा है, जिससे दलित-्वंचित समाज के अभा्व कम हुए हैं । दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के लिए कलरारकाररी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के ल्वसतार से लगभग पच्चरीस करोड लोग बहुआयामरी गररीबरी से बाहर निकले हैं । उज््वला योजना ने जहां दलित-्वंचित ्वग्य सहित अनर गररीब घरों में दिए गए गैस कने्शन से महिलाओं का स्वास्थर बेहतर होने के साथ हरी घरों के अंदर होने ्वाला प्रदूषण कम हुआ । आयुष्मान भारत योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परर्वारों के लिए सस्ती स्वास्थर से्वा तक पहुंच बढ़री । प्रधानमंत्री गररीब कलरार अन्न योजना ने 81 करोड से जऱादा लाभार्थियों को बिना किसरी शुलक के अनाज उपल्ध कराए जाने से देश में गररीब परर्वारों करी खाद् सुरक्षा मजबूत हुई । प्राथमिक सकूलों में लडलकरों के सकूल छोडने करी दर 2013-14 के 4.6 प्रतिशत से तेज़ी से र्टकर 2024-25 में 0.3प्रतिशत रह गई । डिजि्टल शासन सुधारों करी मदद से आधार-आधारित राशन ल्वतरण संभ्व हो पाया । आकांक्षरी लजलों और आलद्वासरी
क्षेत्ों में पानरी, स्वचछता और आिरील्वका से जुडे ल्वशेष प्रयासों के माधरम से कलरारकाररी योजनाओं ने गररीब-दलित परर्वार के िरी्वन को सामानर बनाने का जो कार्य किया है, ्वह भारत के सामाजिक कलरार करी दिशा में एक बडरी उपलब्ध के रूप में देखा जा सकता है ।
पिछले एक दशक के दौरान भारत ने गररीबरी कम करने, सामाजिक सुरक्षा और कलरारकाररी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने से आखिररी वरक्त तक लाभ पहुंचाने के सिद्धांतों से दिशा मिलरी है । यह प्रगति कलरारकाररी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के बडे पैमाने पर ल्वसतार के कारण संभ्व हुई है । मुखर उपायों में ल्वत्तरीर समा्वेश, सस्ती स्वास्थर से्वा, खाद् सुरक्षा, आ्वास, आिरील्वका सहायता और डिजि्टल शासन सुधार शामिल हैं । बेहतर इंफ्ासट््चर और पब्लक सल्व्यस डिलरी्वररी ने इन प्रयासों को और मजबूत किया है । कुल मिलाकर, इन पहलों ने ग्ामरीर और शहररी भारत के लाखों गररीब, दलित ए्वं ्वंचित परर्वारों के िरी्वन करी गुर्वत्ता को बेहतर बनाया है । इसरी
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