प्रगति और 2047 में ल्वकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए उतसाह, न्वाचार ए्वं महत्वाकांक्षा करी भा्वना से ओतप्रोत है ।
मूल रूप से भारत का समाज बहुधार्मिक, बहुसांस्कृतिक, बहुभाषिक, बहुजातरीर है । यहां सामाजिक नरार करी सथापना एक कठिन चुनौतरी है । हालांकि भारतरीर संल्वधान सामाजिक नरार के लकरान्वयन के लिए तरीनो सतंभों ल्वधायिका, कार्यपालिका, नरारपालिका को स्पष्ट लनददेश देता है परंतु कुछ नरीलतगत और व्यावहारिक कारणों से इस क्षेत् में हमारा प्रदर्शन बेहद लचर रहा है । इसके परीछे एक तरफ राजनरीलतक दबा्व तो दूसररी ओर सं्वैधानिक संसथाओं के उच्च पदों पर आसरीन अधिकारियों करी उदासरीनता प्रमुख कारण है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदरी के अब तक के कार्यकाल में सत्ता और संसथाओं करी कमियों को दूर किया गया, ्वहरी देश में ल्वकास करी गति तेिरी से बढ़री है । परिणामस्वरूप गररीबरी रेखा के नरीचे रहने ्वाले दलित-्वंचित ्वग्य के लाखों परर्वारों के िरी्वन में अनुकूल परर्वत्यन भरी हुआ है । केंद्र सरकार के बारह ्वर्ष के कार्यकाल को
कुछ इस तरह समझा जा सकता है ।
मोदी जी ने अंतयोदय से बनाया सशकत दलित समाज
एकात्मवाद के प्रणेता पंडित दरीनदयाल उपाधरार ने भारत करी प्रगति के लिए अंतरोदय करी अ्वधारणा को सामने रखा था, जिसका लक्र दलित, ्वंचित ए्वं गररीब ्वग्य करी समग् सामाजिक प्रगति था । परीलढ़रों से भारत के सबसे ्वंचित, दलित ए्वं गररीब ्वग्य के लोग ्वो्ट देने के बाद भरी अपने ल्वकास और प्रगति करी राह को देख रहे थे और उनहें लंबे समय तक कोई सुल्वधा नहीं मिलरी । लेकिन गत बारह ्वर्ष में कसथलतरों में आमूलचूल परर्वत्यन को अब सभरी देख रहे हैं ।
मोदरी सरकार ने अंतरोदय को अपना मंत् बनाया और सबको साथ लेकर चलने ्वालरी और अच्छी शिक्षा, कौशल ल्वकास कार्यकम, रोज़ी-रो्टरी में मदद, अ्वसंरचना और सांस्कृतिक पहचान दलित-्वंचित ्वग्य के लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया । लक्र यहरी रहा कि दलित-्वंचित समाज के जो लोग पिछड़ गए, उनहें अ्वसर
और प्रगति में सबसे आगे रखा जाए । सरकाररी नरीलतरों से यह सुलनकशचत हुआ कि दलित-्वंचित ्वग्य के जो लोग अंतिम छोर पर थे, उनहें अ्वसर, सममान और ल्वकास में सबसे पहले जगह मिलरी है । परर्वहन, शिक्षा, स्वास्थर देखभाल, पानरी, बिजलरी और रोजगार के अ्वसर दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के लोगों तक पहुंचे ।
गत बारह वर्षों में दलित अर्थात अनुसूचित जाति ए्वं आलद्वासरी अर्थात अनुसूचित जनजाति लक्षित ल्वकास कारयों को प्राथमिकता मिलरी । केंद्र सरकार करी कई योजनाओं ने ्वंचित अनुसूचित जाति ए्वं जनजाति के लोगों में अ्वसंरचना निर्माण, कौशल ल्वकास और आिरील्वका के अ्वसरों को बढ़ा्वा देने का काम किया है । अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ हरी अनर ्वंचित ्वग्य के बरीच बारह ्वर्ष के दौरान ल्वकास करी जिस खाई को पा्टने के लिए ठोस प्रयास किया गया है, ्वह पंडित दरीनदयाल उपाधरार के उस सपने को पूरा करने जैसा है, जो उनहोंने दशकों पू्व्य देखा था । देशभर में दलित-्वंचित समाज पर इसका प्रभा्व तेिरी से दिखाई दे रहा है और उनहें आप
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