Jankriti International Magazine / जनकृ सत अंतरराष्ट्रीय पसिका ISSN: 2454-2725
1972), पृ० 162, 164 41-वही, पृ० 179-181
42-मवष्ट्िुदत्त राके श, उत्तर भारत के मनगु ाि पंथ सामहत्य का इमतहास( पूवोक्त), पृ० 196
43-तु० सा०, घट ॰ रा०, भाग-1, पृ० 143
44-परशुराम चतुवेदी, उत्तरी भारत की संत परम्परा( पूवोक्त), पृ० 786
45-वही, पृ० 484-485
46-रामप्रसाद दाधीच, राजस्थान संत सम्प्रदाय( जोधपुर: राजस्थानी ग्रंथाकार, 1995), पृ० 20
47-वही, पृ० 21
48-पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल, महन्दी काव्य में मनगु ाि सम्प्रदाय( लखनऊ: अवध पमब्लश- हाउस), पृ० 441 49-परशुराम चतुवेदी, उत्तरी भारत की संत परम्परा( पूवोक्त), पृ ० ा़ 478
50-वही, पृ० 736, 740, 741
51-परशुराम चतुवेदी, उत्तरी भारत की संत परम्परा( पूवोक्त), पृ० 700, 701
52-मवष्ट्िुदत्त राके श, उत्तर भारत के मनगु ाि पंथ सामहत्य का इमतहास,( पूवोक्त), पृ० 219 53-परशुराम चतुवेदी, उत्तरी भारत की संत परम्परा( पूवोक्त), पृ० 804
Vol. 3, issue 27-29, July-September 2017. वर्ष 3, अंक 27-29 जुलाई-सितंबर 2017