Feb 2026_DA | Page 3

संपादकीय

कांग्रेस का भारत विरोधी चरित्र

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रत में प्राचीन सनरातन धर्म एवं संस्कृति को नष्ट-भ्रष्ट करके हिन्दू समराज को जराति-वर्ग में खंडित करने वराले विदेशी मुससलम आक्रम्रारियों के क्ररूर कु्कृतयों से इततिरास के पृष्ठ भरे हुए हैं । मुससलम आक्रम्रारियों ने लगभग एक सहस्राब्ी तक भरारतीय समराज को बुरी तरफ प्तरातित कियरा, परिणराम सवरूप भरारतीय समराज ्रा संपदूण्म तरानरा-बरानरा बुरी तरह क्षतिग्रसत हुआ । यह कोई छिपरा हुआ तथय नहीं है । इसके बरा् भी आधुनिक समय में मिथ्या तथयों के आधरार पर समराज को भ्रमित करने की कुचेष्ठरा लररातरार जरारी है । पिछले कुछ दशकों के मधय ्रांग्रेस एवं वरामपंथी विचरारधराररा को पोषित करने वराले सफेदपोश बौतविक लररातरार यह विमर्श( नैरेत्टव) स्थापित करने ्रा प्यरास करते आ रहे हैं कि सनरातन हिन्दू धर्म-संस्कृति को मुससलम शरासन ्राल में जो क्षति हुई, उस्रा ्रारण मुससलम शरासक नहीं, बल्् सवयं सनरातन हिन्दू समराज की कथित कमजोरी जिम्मेदार रही ।
इसी कड़ी में एक बरार पुनः पदूव्म उपराष्ट्रपति एम. िरातम् अंसरारी ने 11वीं शतराब्ी मधय वर्तमरान अफररातनस्तान के शरासक महमदू् गजनी और लोदी को विदेशी आक्रमण्रारी कहने केस्थान पर " भरारतीय लु्टेररा " बतरायरा । िराल ही में एक सराक्षरात्कार में उनिोंने ्रावरा कियरा कि इततिरास की पुसत्ों में जिनिें विदेशी आक्रमण्रारी और लु्टेरे बतरायरा गयरा है, उनमें महमदू् गजनी भी शरातमल है । लेकिन वह वरासतव में एक ' भरारतीय लु्टेररा ' थरा । रराजनीतिक रूप से यह कहनरा सुविधराजनक है कि उसने यह नष्ट कियरा, उसने वह नष्ट कियरा, लेकिन वह सभी भरारतीय थे । अंसरारी ्रा बयरान यह ्शरा्मने के लिए पयरा्मपत है कि सवतंत्रतरा से पहले एवं सवतनत्र भरारत में ्रांग्रेस सहित अनय सनरातन हिन्दू विरोधी रराजनीतिक दलों एवं ततवों द्वाररा मुससलम तुष्टिकरण को जिस तरह से बढ़रावरा दियरा गयरा, उसके ्रारण विदेशी मुससलम आक्रमण्रारियों ्रा महिमरामंडन करने की प्तक्रयरा तनबरा्मध रूप से चल रही है । अपनी बीमरार मरानसिकतरा के आधरार पर मुससलम आक्ररांतराओं ्रा बचराव करने वराले अंसरारी भी इस तथय से भलीभरांति अवगत होंगे कि महमदू् गजनवी ने 1000 से 1027 ईसवी के मधय भरारत पर 17 बरार आक्रमण करके गुजररात ससथत सोमनराथ मंदिर को लदू्ट्र तबराि कर दियरा थरा । उसकी क्ररूरतरा के चिनिों को आज भी देखरा जरा सकतरा है ।
वैसे देश के दो बरार पदूव्म उपराष्ट्रपति पद को संभराल चुके िरातम् अंसरारी ्रा बयरान कोई आशचय्म करने वरालरा विषय नहीं है । छद्म धर्मनिरपेक्षतरा की आि में वह ऐसे मुससलमपरसत और देश विरोधी बयरान देते रहे हैं, जो उनके वरासततव् चरित्र ्रा परिचय देतरा है । बरालरा्ो्ट एयर स्ट्राइक हुआ
पर सबदूत मरांगने वराले अंसरारी के लिए राष्ट्रवरा्‘ जहर’ है और देश की जनतरा ने अलीरढ़ मुससलम विशवतवद्यालय में जिन्ना की तसवीर लरराने से लेकर देश के हर जिले में शरियरा अ्रालत स्थापित करने की मरांग ्रा समर्थन करने के सराथ ही अंसरारी को तीन तलरा् ्रानदून ्रा विरोध करते हुए भी देखरा है । 1947 में हुए भरारत विभराजन के लिए भरारत को जिम्‍मे्रार ्ठिरराने वराले िरातम् अंसरारी अपनी कट्टरतरा एवं सनरातन हिन्दू विरोधी मरानसिकतरा के ्रारण विशेष पहचरान बनरा चुके हैं ।
्रांग्रेस नेतरा के रूप में देश के ्दूसरे सबसे बिे पद को संभरालने वराले िरातम् अंसरारी के किसी भी गलत एवं भ्ररामक बयरान ्रा खंडन न तो कभी ्रांग्रेस की सववेसवरा्म सोनियरा ररांधी ने कियरा और न ही ्रांग्रेस ्रा नेतृतव करने वराले किसी नेतरा ने । ्रांग्रेस लररातरार अंसरारी की सनरातन हिन्दू एवं भरारत विरोधी मरानसिकतरा को पोषित करते हुए अपने रराजनीतिक हितों एवं मुससलम वो्ट बैंक को सराधने में लगी हुई है । वैसे ्रांग्रेस ्रा यह चरित्र नयरा नहीं है । सवतंत्रतरा के बरा् से िरातम् अंसरारी जैसे कथित बौतधिकों को परालती रही है । सवतनत्र भरारत के पदूव्म केंद्ीय तशक्षरा मंत्री मौलरानरा अबुल कलराम आजरा् उर्फ अबुल कलराम गुलराम मुहियुद्ीन से लेकर हुमरायदूं कबीर, फखरुद्ीन अली अहमद एवं सैयय् नुरुल हसन के ्राय्म्राल के दौररान भरारतीय तशक्षरा को तव्कृत करने और भ्ररामक-गलत तथयों पर आधरारित इततिरास को पोषित कियरा गयरा, जिसे सुधरारने ्रा ्राय्म अब भराजपरा सर्रार कर रही है । विविधतरा में कथित एकतरा के विमर्श को स्थापित करने वराली ्रांग्रेस के किसी भी नेतरा के परास इस प्श्न ्रा उत्तर नहीं है कि हिन्दू और मुससलम के बीच धरातम्म् एकतरा किस प्रकार संभव हो सकती है?
किसी समय सवयं मुससलम उतपीिन ्रा तश्रार होने बरा् ्रांग्रेस के वर्तमरान अधयक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे इस तरह डरे हुए हैं कि वह अरराजक मुससलम हिंसरा पर कुछ भी बोलने की ससथति में नहीं है । ्रांग्रेस सववेसवरा्म सोनियरा ररांधी ्रा भरारत एवं सनरातन हिन्दू धर्म-संस्कृति से कोई लेनरा-देनरा नहीं है । इसलिए वह भी मदू््श्म् हैं । ्रांग्रेस के कथित युवरा नेतरा ररािुल ररांधी से कोई उममी् इसलिए नहीं की जरा सकती है कयोंकि वह बुतधिहीनों के सरतराज के रूप में परा्टटी में सर्वत्र विरराजमरान हैं । इसके बरावजदू् ्रांग्रेस को यह सपष्ट करने ही होररा कि भरारत, भरारतीयतरा एवं भरारतीय संस्कृति ्रा विरोध करने के लिए ्रांग्रेस क्या िरातम् अंसरारी जैसे कट्टरपंथी नेतराओं के बयरानों ्रा समर्थन करती रहेगी?
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