eMag_March 2021_Dalit Andolan | Seite 7

ग्रामीण परिवारों को ही पानी के कने्शन उपलबध कराए गए थे । 1 फरवरी 2021 तक देश के 6.56 करोड़ ग्रामीण आवासों तक नल से जल पहुंचिाया जा चिुका है । प्रतिदिन दो लाख से अधिक घर जल जीवन मिशन से जुड़ रहे हैं
जममू-क्मीर के पहाड़ों पर बने घर हों या फिर हिमाचिल प्रदेश में तिबबत सीमा से महज 10 किमी की दूरी पर दुनिया का सबसे ऊंचिा ( 15,256 फीटि ) मतदान केंद्र टिशीगंग । राजर सरकारों के सहयोग से हमारी सरकार ने वहां भी घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचिाने का काम किया है । अब लोगों को मीलों का पैदल सफर तय नहीं करना पड़ता है । टिशीगंग जैसे ऊंचिाई वाले क्ेत्ों में हर घर में जल पहुंचिना सबसे चिुनौतीपूर्ण था , लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से हमारे विभाग ने इसे कर पाने में सफलता प्रापत की है ।
गोवा और तेलंगाना ऐसे राजर हैं , जिनहोंने जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत सौ प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है । आज
देश के 52 जिलों , 660 ब्लॉकों , 39,317 ग्राम पंचिायतों और 73,890 गांवों में हर घर नल से जल के लक्र को हासिल कर लिया गया है । प्रधानमंत्ी के मार्गदर्शन में हमने इन राजरों में सिचछ पेयजल पहुंचिाने का जो सपना देखा था , उसे समय से पहले ही साकार कर लिया गया है ।
बिहार , पुडुचिेरी ने 2021 , गुजरात , हरियाणा , हिमाचिल , जममू और क्मीर , लद्ाख , मेघालय , पंजाब , सिक्कम , उत्र प्रदेश ने 2022 , अरुणाचिल , कना्यटिक , मधर प्रदेश , मणिपुर , मिजोरम , नगालैंड , मत्पुरा , छत्ीसगढ़ ने 2023 और असम , आंध्र प्रदेश , झारखंड , केरल , महारा्ट् , ओडिशा , राजसथान , तमिलनाडु , उत्राखंड , पश्चिम बंगाल ने 2024 तक सभी ग्रामीण आवासों तक नल से जल पहुंचिाने का संकलप लिया है । इस तरह 2024 तक देश के सभी 19.04 करोड़ ग्रामीण आवास नल कने्शन से जुड़ जाएंगे ।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत खराब गुणवत्ा
वाले जल से प्रभावित बशसतरों में पीने योगर पानी की आपूर्ति सबसे बड़ी प्राथमिकता है , ताकि फलूरोसिस और आसचेमनकोसिस के दु्प्रभावों में कमी लाई जा सके । पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर कने्शन की जिओ-टिैगिंग हो रही है । कने्शन को परिवार के मुखिया के आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है । जिला सतर पर मिशन की प्रगति का संकेत देने वाला डैशबोर्ड तैयार किया गया है । अनुसूमचित जाति / अनुसूमचित जनजाति बहुल गांवों , आकांक्ी जिलों , सूखा प्रभावित और रेगिसतानी क्ेत्ों और पानी की खराब गुणवत्ा वाली बशसतरों को वरीयता दी जा रही है ।
पिछले वर्ष के बजटि में जलशक्त मंत्ालय के लिए 30,478 करोड़ रुपये आवंमटित हुए , जिसमें से 21,500 करोड़ रुपये सिचछ पेयजल आपूर्ति और सिचछता के लिए थे । जल जीवन मिशन के लिए 11,500 करोड़ रुपये का अलग से आवंटिन किया गया था । इस बजटि में पेयजल के लिए 50,000 करोड़ रुपये और सिचछता के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंमटित किए गए हैं । इस तरह से शुद्ध पेयजल के लिए बजटि आवंटिन 450 प्रतिशत तक बढ़ा है । जलशक्त मंत्ालय के लिए कुल बजटि में भी 180 प्रतिशत की वृद्धि की गई है , जो जल से जुड़े विषयों पर सरकार की गंभीरता को प्रदर्शित करता है ।
ग्रामीण परिवारों तक जल जीवन मिशन के आशाजनक परिणामों को देखने के बाद ही सरकार ने बजटि 2021-22 में जल जीवन मिशन ( शहरी ) शुरू करने की घोषणा की है , जिससे 4,378 शहरी सथानीय निकायों में 2.68 करोड़ शहरी परिवारों को पाइपलाइन से पीने योगर पानी की आर्पूित की जाएगी । इस पर 5 साल की अवधि में 2.87 लाख करोड़ रुपये का कुल खचि्य आएगा । वासति में आम बजटि जनता की आि्रकताओं के अनुरूप और समग्र विकास को प्रोतसामहत करने वाला है । आतममनभ्यर भारत को सश्त करने वाले इस बजटि का लक्र आखिरी पंक्त के आखिरी वरश्त की मूलभूत समसराओं का समाधान तलाशना है ।
( लेखक केंद्ररीय जलमंत्री हैं )
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