बदलाव के वाहक बनेंगे श्ीधरन
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जनता पार्टी ने केरल में मेट्ो मैन के रूप में विखरात भारतीय
सिविल इंजीनियर एलाट्टुवलपिल ( ई ) श्ीधरन को आगामी विधानसभा चिुनाव में पार्टी का चिेहरा घोषित किया है । मुखरमंत्ी के रूप में चिुनाव मैदान में उतरने जा रहे 88 िषटीर श्ीधरन ने लेफ़्ट डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( एलडीएफ ) और यूनाइटिेड डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( यूडीएफ ) के लिए बड़ी चिुनौती खड़ी कर दी है । गत 21 फरवरी को आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होने के बाद श्ीधरन ने राजर के विकास समबनधी दावों की पोल खोलने के साथ ही सप्टि कर दिया था कि अगर उनहें मुखरमंत्ी के रूप में राजर की सेवा करने का अवसर मिलेगा तो राजर के विकास के लिए काम करना चिाहेंगे ।
राजर में 14वीं विधानसभा का कार्यकाल 1 जून , 2021 को खतम हो रहा है । पंद्रहवी विधानसभा के लिए चिुनाव की घोषणा हो चिुकी है । चिुनावी कार्यक्रम के अनुसार आगामी 6 अप्रैल को मतदान होगा । अबकी बार के विधानसभा चिुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( एलडीएफ ) अपनी सत्ा बचिाने के लिए तो कांग्रेस नेतृति वाला यूनाइटिेड डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( यूडीएफ ) सत्ा हासिल करने के लिए मैदान में है । दोनों गठबंधन के बीचि ‘ सत्ा बचिाने और सत्ा हथियाने ’ की लड़ाई के बीचि , भाजपा इस बार विधानसभा में अपनी सितनत् , सश्त और मजबूत उपशसथमत दर्शाने की लड़ाई लड़ रही है । 2016 के विधानसभा चिुनाव में भाजपा को पहली
बार एक सीटि पर जीत हासिल हुई थी । उसके बाद से पार्टी ने लगातार अपने जनाधार को मजबूत किया , परिणामसिरूप हाल ही में पार्टी ने राजर में ग्राम पंचिायत , जिला पंचिायत और नगरपालिकाओं में कुल 1,623 सीटि जीत कर आपने परचिम लहराया । उतसाह , उममीद और भवि्र के सिप्ों के साथ भाजपा विधानसभा चिुनाव के मैदान में उतरी है ।
पिछले कई दशकों से धमाांतरण , धार्मिक कट्रता और राजनीतिक हिंसा से जूझ रहे केरल की राजनीति में श्ीधरन का प्रवेश राजर की राजनीति में हो रहे बदलाव का संकेत भी है । धर्म विशेष के हितों पर केंद्रित रही केरल की
राजनीति , बहुसंखरक हिनदू वर्ग की सुनियोजित अनदेखी के साथ ही भय और हिंसा के लिए कुखरात रही है । 20 प्रतिशत ईसाई और 27 प्रतिशत मुशसलम वर्ग की जनसंखरा वाले राजर में हिंदुओं की कुल जनसंखरा 54.7 प्रतिशत है । लेफ़्ट डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( एलडीएफ ) और यूनाइटिेड डेमोक्रेमटिक फ्रंट ( यूडीएफ ) ने अपने- अपने शासनकाल के दौरान हिनदू वर्ग के हितों की तरफ धरान देने की आि्रकता नहीं महसूस की , जिसका परिणाम राजर में भाजपा के पक् में हो रहे ध्रुवीकरण के रूप में देखा जा सकता है । वामपंथ और मुशसलम-ईसाई गठबंधन के बीचि राजर में हिनदू वर्ग की जनता के बीचि भाजपा को मिल रही बढ़त को लेकर एलडीएफ और
यूडीएफ के नेताओं पर मचिंता की रेखाओं को सप्टि रूप से देखा जा सकता है । दोनों गठबंधन के लिए यह मचिंता इसलिए भी गंभीर हो जाती है ्रोंकि ईसाई वर्ग की जनता भी अब भाजपा के प्रति नरम रूख को अपना रही है । लव जेहाद सहित कई मुद्ों पर ईसाई वर्ग से मिल रहे वैचिारिक समर्थन से भाजपा की शसथमत मजूबत होती जा रही है ।
2014 में केंद्र में प्रधानमंत्ी नरेंद्र मोदी की सरकार का गठन , मोदी सरकार द्ारा गंभीरता के साथ किए गए विकास कार्य , गरीब-दलित- वंमचित जनता के उतथान के लिए लायी गयी योजनाएं और उनके वासतमिक क्रियानिन का
लाभ राजर की जनता को भी मिला है । इसका परिणाम राजर में भाजपा के बढे हुए वोटि प्रतिशत के रूप में देखा जा सकता है , जो अब बढ़कर 14 प्रतिशत हो चिुका हैI आगामी विधानसभा चिुनाव में भाजपा एक बड़ी राजनीतिक शक्त के रूप में उभरने की रणनीति पर चिल रही है । मेट्ो मैन श्ीधरन को चिेहरा बनाकर पार्टी ने आम जनता को भ्रष्टाचार , आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा से मु्त सत्ा देने का सनदेश दिया है । राजनीति में बदलाव के जिस एजेंडा को लेकर भाजपा लगातार प्रयास कर रही है , उन प्रयासों को श्ीधरन की उपशसथमत से और गति मिलेगी , इसमें किसी को भी संदेह नहीं है । �
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