Dec 2025_DA | 页面 11

कोई भषी मतदाता विधायक या सांसद बनकर मुखयिंत्री या प्रधानमंत्री बन सकता है । ऐसे में चुनाव आयोग के पास यह महतिपूर्ण इसलिए आयोग कषी बड़ी जिमिेदारषी है कि गैर-नागरिकों को वोटर सूचषी में शामिल न होने दे । संविधान का अनुचछेद-324 चुनाव आयोग को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह चुनावों कषी देख-रेख, दिशा और नियंत्ण करे । इसमें कहा गया है कि संसद, हर राजय कषी विधानसभा और राषट्रपति एवं उपराषट्रपति के चुनाव; इन सभषी के लिए मतदाता सूचषी तैयार करने और चुनाव कराने कषी पूरषी जिमिेदारषी और अधिकार एक आयोग( जिसे संविधान में चुनाव आयोग कहा गया है) को दिए जाते हैं ।
मतदाता सूचषी तैयार करने के विषय में संविधान का अनुचछेद-326 सपषट रूप से कहता है कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव वयसक मताधिकार के आधार पर होंगे अर्थात देश का हर वह वयसकत, जिसका भारत का नागरिक होना ज़रूरषी है, उसकषी आयु निर्धारित तिथि तक कम से कम 18 वर्ष होनषी चाहिए और जिसे गैर-निवास, मानसिक असिसथता, अपराध या किसषी भ्रषट या अवैध आचरण के कारण अयोगय न ठहराया गया हो, वह मतदाता के रूप में पंजषीकृत होने के योगय है । चुनाव आयोग का यह दायिति है कि प्रतयेक पंजषीकृत मतदाता भारत का नागरिक होना चाहिए हुए और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का होने के साथ हषी संविधान और कानून कषी अनय योगयताओं को पूरा करता हो ।
नागरिकता से समबंवधत यह नियम जन प्रतिनिधिति अधिनियम-1950 कषी धारा-16 में और भषी सपषट हैं । इसमें कहा गया है कि जो वयसकत भारत का नागरिक नहीं है, वह मतदाता के रूप में पंजषीकृत होने के योगय नहीं है । धारा- 21 चुनाव आयोग को अधिकार देतषी है कि वह नियमों के अनुसार मतदाता सूचषी तैयार करके समय-समय पर उसमें संशोधन करने का कार्य करे, जिससे केवल भारतषीय नागरिक हषी मतदाता बन सके ।
अवैध रूप से जोड़ा गया था कांग्ेस नेता सोनिया गांधी का नाम
मतदाता सूचषी में नाम जोड़ने के लिए नागरिकता कितनषी आवशयक है, इसका उदाहरण कांग्ेस नेता सोनिया गांधषी के रूप में देखा जा सकता है । सोनिया गांधषी का नाम मतदाता सूचषी में 1980 में शामिल किया गया था, जबकि वह ततकालषीन समय में इटलषी कषी नागरिक थीं । यह जानकारषी सार्वजानिक होने के बाद 1982 में उनका नाम मतदाता सूचषी से हटा दिया गया । इसके बाद अप्रैल 1983 में सोनिया ने भारतषीय नागरिकता के लिए आवेदन किया । तथय यह भषी है कि अप्रैल 1983 में हषी उनहें नागरिकता
मिल गई । ततकालषीन समय में देश कषी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधषी थषी और इसके बाद सोनिया गांधषी का नाम पुनः मतदाता सूचषी में जोड़ दिया गया था । ऐसे में यह प्रश्न उठना सिाभाविक है कि ऐसा कयों, किस आधार पर और किसके हसतछेप के बाद हुआ?
बीएलओ के लिए प्रशिक्षण की पर्यापत वयवसथा
एसआईआर कषी जारषी प्रकिया के बषीच विपक् यह भषी आरोप लगा रहा है कि बूथ सतर के अधिकारषी( बषीएलओ) पर कार्य का इतना दबाव है कि वह आतिहतया कर रहे हैं । यह आरोप कई सथानों पर बषीएलओ कषी आकससिक मौत
fnlacj 2025 11