April 2026_DA | Page 34

जन्मदिन पर विशेष

आधुनिक युग के मनु डा. आंबेडकर

प्ो. एन. जी. रंगा

MkW

भीम राव आंबेडकर में एक विद्ान, रिांजतकारी और राजनेता के सभी गुण थे । ऐसे महानुभाव लोकतांत्रिक समाज में बहुत ही कम होते हैं । उनहें अपने राजनीतिक जीवन की प्ारंभिक सफलता उस समय प्ापत हुई, जब वह महातमा गांधी के संपर्क में आए और जब भारत को सवराज के लिए अपने दावों को औचितयपूर्ण
बनाने के लिये प्गतिशील सामाजिक और मानवोचित मानकों को अपनाने की ऐतिहासिक आवशयकता थी । विधि मंत्री के रूप में उनकी दैवककृत कसथजत तथा विधि में सवीककृत जवद्ता और दलित वगषों के हितों के समर्थक होने के नाते उनहें संविधान सभा में सवतंत्र भारत के संविधान विधेयक के मु्य निर्माता और कर्णधार के रूप में चुना गया । इस प्कार डा. आंबेडकर भारतीय संविधान पर भारतीय इतिहास की मोहर
लगाने के लिए एक माधयम बने ।
डा. आंबेडकर समाज के एक वर्ग के अधिकारों के अमानवीय वंचन और उच्च वगषों के लोगों द्ारा भोगे जा रहे गलत अधिकारों का विरोध करने में आधुनिक युग के मनु के रूप में उभरे । कई लोगों की भांति डा. आंबेडकर का भी वयसक मताधिकार में दृढ़ विशवास था, जिसे उनहोंने संविधान में अंकित किया । यह एक विडमबना ही थी कि प्थम चुनाव में उनकी हार
34 vizSy 2026